Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
मलेरिया से जलà¥à¤¦à¥€ रिकवर होने के लिठखानपान से जà¥à¥œà¥€ इन बातों का रखें खà¥à¤¯à¤¾à¤²
संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार (Balanced Diet) किसी à¤à¥€ बीमारी से रिकवरी में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¥‹à¤œà¤¨ न केवल आपको ऊरà¥à¤œà¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है, बलà¥à¤•ि आपके शरीर को अंदर से ठीक करके रिकवरी की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को à¤à¥€ तेज करता है। सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ में मलेरिया à¤à¥€ किसी आम बीमारी की तरह लग सकता है। मगर यदि इस पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न दिया जाठतो यह लिवर और किडनी फेलियर (Kidney Failure) तक का कारण बन सकता है। पर आहार पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देकर मलेरिया (Malaria Diet) से जलà¥à¤¦à¥€ रिकवरी में मदद मिल सकती है।
मगर चिंता करने की कोई बात नहीं है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हम बताà¤à¤‚गे खाने और पोषण से जà¥à¥œà¥‡ कà¥à¤› टिपà¥à¤¸, जो आपको और आपके à¤à¤œà¤¿à¤‚ग पेरेंटà¥à¤¸ को मलेरिया से जलà¥à¤¦à¥€ रिकवर होने में मदद करेंगी। चलिये जानते हैं खानपान से जà¥à¥œà¥€ कà¥à¤› ज़रूरी बातें। मगर उससे पहले जान लेते हैं कà¥à¤¯à¤¾ है मलेरिया।
कà¥à¤¯à¤¾ है मलेरिया (Malaria)?
मलेरिया à¤à¤• पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤œà¥‹à¤…ल बीमारी है, जो हाई फीवर से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ हà¥à¤ˆ है और अकà¥à¤¸à¤° मादा à¤à¤¨à¥‹à¤«à¤¿à¤²à¥€à¤¨ मचà¥à¤›à¤° (Anopheles Mosquito) के काटने से फैलती है। मचà¥à¤›à¤° परजीवी को à¤à¤• संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ इंसान से दूसरे इंसान में ले जाते हैं। ये परजीवी तब रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते हैं और लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ करते हैं। मलेरिया के मà¥à¤–à¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ बà¥à¤–ार, ठंड लगना, सिरदरà¥à¤¦, घबराहट, उलà¥à¤Ÿà¥€ आदि हैं।’
हालांकि, मलेरिया के लिठकोई विशिषà¥à¤Ÿ डाइट नहीं है, लेकिन परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पोषण लेना ही इससे जलà¥à¤¦à¥€ रिकवर होने की कà¥à¤‚जी है। à¤à¤• अचà¥à¤›à¥€ डाइट लिवर, किडनी और पाचन तंतà¥à¤° को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नहीं करती है और रोगी की इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ को मजबूत करती है।
मलेरिया से पीड़ित रोगियों को कà¥à¤¯à¤¾ खाना चाहिà¤:
बà¥à¤–ार आने पर लें इंसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ देने वाले पेय
बà¥à¤–ार शरीर की चयापचय दर को बढ़ाता है, इस पà¥à¤°à¤•ार कैलोरी (Calorie) की आवशà¥à¤¯à¤•ता बढ़ जाती है। कैलोरी की आवशà¥à¤¯à¤•ता तापमान की वृदà¥à¤§à¤¿ पर निरà¥à¤à¤° करती है। बà¥à¤–ार के दौरान à¤à¥‚ख कम लगती है, इसलिठकैलोरी का सेवन à¤à¤• बड़ी चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ है। à¤à¤¸à¥‡ में तà¥à¤°à¤‚त ऊरà¥à¤œà¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है- जैसे गà¥à¤²à¥‚कोज, गनà¥à¤¨à¥‡ का रस, फलों का रस, नारियल पानी, शिकंजी, आदि।
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ इंटेक पर नज़र रखें
मलेरिया में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता बढ़ जाती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ऊतक का à¤à¤¾à¤°à¥€ नà¥à¤•सान होता है। उचà¥à¤š कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ डाइट के साथ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की सही मातà¥à¤°à¤¾ ऊतक निरà¥à¤®à¤¾à¤£ में सहायक साबित हो सकती है। उचà¥à¤š जैविक मूलà¥à¤¯ वाले पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ जैसे दूध, दही, लसà¥à¤¸à¥€, छाछ, मछली (सà¥à¤Ÿà¥‚), चिकन (सूप/सà¥à¤Ÿà¥‚), अंडा आदि का सेवन फायदेमंद साबित हो सकता है।
विटामिन इंटेक बà¥à¤¾à¤à¤‚
मलेरिया में पानी और इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤¸ (Electrolytes) की कमी बहà¥à¤¤ आम है। इसे बनाठरखने के लिठजूस, सà¥à¤Ÿà¥‚, सूप, चावल का पानी, दाल का पानी, नारियल पानी, आदि का सेवन करना फायदेमंद है। विटामिन A और C से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जैसे गाजर, चà¥à¤•ंदर, पपीता, फल विशेष रूप से खटà¥à¤Ÿà¥‡ फल (जैसे संतरा, मौसंबी, पाइन सेब, अंगूर, जामà¥à¤¨, नींबू, आदि), विटामिन B कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ के साथ इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ को बढ़ावा देने के लिठबहà¥à¤¤ उपयोगी होते हैं।
मलेरिया के रोगियों को जिन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से बचना चाहिठवे हैं: –
अपने वसा के सेवन पर नियंतà¥à¤°à¤£ रखें
जब आप बीमार हों तो वसा का सेवन कम मातà¥à¤°à¤¾ में करना चाहिà¤à¥¤ मगर दूध उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ (Milk Products) में मकà¥à¤–न, कà¥à¤°à¥€à¤®, जैसे डेयरी फैट का उपयोग पाचन में सहायक होता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें मधà¥à¤¯à¤® शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤—à¥à¤²à¤¿à¤¸à¤°à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤¸ (à¤à¤®à¤¸à¥€à¤Ÿà¥€) होता है। खाना पकाने या तली हà¥à¤ˆ चीजें खाने में वसा का अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• उपयोग घबराहट, खराब पाचन को बढ़ाता है जिससे दसà¥à¤¤ हो सकते हैं।
à¤à¤• उचà¥à¤š फाइबर खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जैसे साबà¥à¤¤ अनाज, हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚, मोटी तà¥à¤µà¤šà¤¾ वाले फल, आदि
तले हà¥à¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥, पà¥à¤°à¤¸à¤‚सà¥à¤•ृत खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥, जंक फूड, तैलीय और मसालेदार à¤à¥‹à¤œà¤¨, अचार, आदि
चाय, कॉफी, कोको और अनà¥à¤¯ कैफीनयà¥à¤•à¥à¤¤ पेय आदि का अधिक सेवन।
तो मलेरिया के लिठà¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• आहार बहà¥à¤¤ ज़रूरी है। साथ ही, खà¥à¤¦ को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रखना à¤à¥€ उतना ही महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है।
| --------------------------- | --------------------------- |